Thursday, July 17, 2008
Batan Ganwa re
Tuesday, July 8, 2008
जीवन रेखा ...
logon to http://www.ni-shabd.blogspot.com/ मेरी जीवन रेखा...
राजस्थान के रेतीले धोरों के बीच एक छोटे से गांव चुबकिया ताल में मेरा जन्म एक मार्च 1977 को हुआ। पढ़ाई की शुरूआत गांव से हुई, कुछ दिनों बाद पढ़ाई के लिए हरियाणा में शेरला गांव भेज दिया गया। पांचवी तक पढ़ते-पढ़ते कुछ तेज होने लगा था, जिसका श्रय जाता है, मेरे गुरू श्री रामचंद्र जी को जो हमें 1984 में वहां पढ़ाते थे। बच्चपन के भोले पन से गुजरते कब आवाज मोटी होने लगी पता ही नहीं चला। अब जीवन के हर पहलु का अहसास होना शुरू हुआ। आधुनिकता के दौर में अनेक आवश्यकता महसुस होने लगी। पर जो सोचते थे वो एक सपना मात्र होती थी। 10 वीं 1989 में तथा 12 वीं 1991 में उतीर्ण की। रोजगार की चिंता आज साफ दिखने लगी थी। सपने अनेक लेकिन सच एक भी होने की गुंजाइस नहीं। परंतु होना वही होता है जो मंजूर ए खूदा। करते कराते राजकीय महाविद्यालय लोहारू में बीए प्रथम की परीक्षा दी। परंतु इससे कुछ होता ना दिखा तो तकनीकी शिक्षा की तरफ जाने की सोची। इसके लिए विद्युत व्यवसाय की तकनीकी परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की। जिसका श्रेय जाता है मेरे माता पिता व मेरे गुरू श्री रामजी लाल पाल को। इसके बाद भी रास्ते खुलते नजर नहीं आ रहा थे, किस्मत अजमाने के लिए 1995 के अंत में दिल्ली गया, परंतु हाथ लगी तो एक अस्वस्थ्तता। मजबुरी में वापस आना पड़ा। इसके बाद 1996-97 में हिंदुस्त्ाान कोपर लिमिटेड, खेतड़ी नगर से एक वर्ष की ट्रेनिंग प्रथम श्रेणी में प्रथम स्थान पर रहते हुये पास की, जो मेरे लिए गौरव की बात थी। इसके पश्चात हिसार के सुप्रसिद्ध स्टील प्लांट जिंदल स्ट्रीप्स लिमिटेड में शुरूआत की। अक्टूबर 2000 में प्रिंट मीडिया दैनिक भास्कर में एक नई शुरूआत की। वर्तमान में श्रीगंगानगर शाखा में कार्यरत ह¡ू।
